
बीना/सागर |
खिमलासा थाना क्षेत्र में 11 गो-सेवकों पर दर्ज एफआईआर के विरोध में मंगलवार को करणी सेना ने बीना कलेक्ट्रेट पहुंचकर प्रदर्शन किया। संगठन के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ताओं ने कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक के नाम ज्ञापन सौंपते हुए प्रकरण को तत्काल निरस्त करने तथा गौचर भूमि से अतिक्रमण हटाने की मांग की।
करणी सेना ने ज्ञापन में कहा कि यदि विरोध-प्रदर्शन या सड़क जाम जैसे मामलों में गो-सेवकों पर कार्रवाई की जाती है, तो अन्य समान मामलों में भी कानून का समान रूप से पालन होना चाहिए। प्रदर्शन के दौरान संगठन की ओर से “एक देश में दो कानून नहीं चलेंगे” का नारा भी दिया गया।
क्या है मामला?
करणी सेना के अनुसार, 30 जून को खिमलासा थाना क्षेत्र में गौचर भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने की मांग को लेकर गो-सेवकों ने प्रदर्शन किया था। संगठन का दावा है कि आंदोलन की पूर्व सूचना प्रशासन और पुलिस को दी गई थी। इसके बावजूद प्रदर्शन के बाद 11 गो-सेवकों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कर ली गई।
संगठन ने यह भी आरोप लगाया कि गो-सेवक हरिशंकर सेन को रात में थाने में बैठाकर बाद में जेल भेजा गया, जिसे उसने अनुचित कार्रवाई बताया।
करणी सेना की दलील
जिला प्रमुख शैलेन्द्र सिंह ने कहा कि गो-सेवक पिछले तीन वर्षों से गौचर भूमि से अतिक्रमण हटाने की मांग कर रहे हैं और इस संबंध में अब तक 164 ज्ञापन दिए जा चुके हैं। उनका आरोप है कि प्रशासन ने समय रहते कार्रवाई नहीं की, जिसके कारण आंदोलन की स्थिति बनी।
डॉक्टरों के प्रदर्शन का भी किया उल्लेख
ज्ञापन के दौरान करणी सेना ने सागर के तिली अस्पताल के बाहर डॉक्टरों द्वारा किए गए विरोध प्रदर्शन का भी उल्लेख किया। संगठन का कहना था कि यदि विरोध-प्रदर्शन के आधार पर गो-सेवकों पर एफआईआर दर्ज की गई है, तो समान परिस्थितियों में अन्य मामलों में भी एक जैसी कार्रवाई होनी चाहिए।
प्रमुख मांगें
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11 गो-सेवकों पर दर्ज एफआईआर तत्काल वापस ली जाए।
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गो-सेवक हरिशंकर सेन पर हुई कार्रवाई की निष्पक्ष समीक्षा की जाए।
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गौचर भूमि से अतिक्रमण हटाने के लिए तत्काल प्रभावी कार्रवाई की जाए।
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कानून का समान और निष्पक्ष तरीके से पालन सुनिश्चित किया जाए।
उग्र आंदोलन की चेतावनी
करणी सेना ने चेतावनी दी है कि यदि एफआईआर वापस नहीं ली गई और गौचर भूमि से अतिक्रमण हटाने की दिशा में ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो संगठन उग्र आंदोलन करेगा। संगठन का कहना है कि गो-सेवकों के सम्मान और गौ-संरक्षण के मुद्दे पर वह पीछे नहीं हटेगा।
नोट: यह समाचार करणी सेना द्वारा दिए गए ज्ञापन और संगठन के दावों पर आधारित है। प्रशासन की आधिकारिक प्रतिक्रिया प्राप्त होने पर उसे भी समाचार में शामिल किया जाएगा।








