
भोपाल। मध्यप्रदेश कर्मचारी चयन मंडल (MPESB) द्वारा आयोजित समूह-2 उप समूह-1 अंतर्गत कृषि विस्तार अधिकारी भर्ती परीक्षा-2026 इन दिनों विवादों में घिर गई है। भर्ती प्रक्रिया के दौरान जारी किए गए संशोधित पद विवरण ने हजारों अभ्यर्थियों को असमंजस और आक्रोश की स्थिति में ला दिया है। अभ्यर्थियों का आरोप है कि आवेदन प्रक्रिया पूरी होने के बाद भर्ती के कुल पदों में कटौती कर दी गई और सबसे अधिक नुकसान आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) के उम्मीदवारों को हुआ है।
अभ्यर्थियों का कहना है कि प्रारंभिक विज्ञापन में कुल 2784 पद घोषित किए गए थे। इसी आधार पर युवाओं ने आवेदन किए, परीक्षा शुल्क जमा किया और कई महीनों तक तैयारी में जुटे रहे। लेकिन बाद में जारी संशोधित पद विवरण में कुल पदों की संख्या 2784 से घटाकर 2377 कर दी गई। सबसे बड़ा बदलाव EWS वर्ग में देखने को मिला, जहां पहले 444 पद दर्शाए गए थे, लेकिन संशोधित सूची में यह संख्या घटकर केवल 37 रह गई।

प्रारंभिक विज्ञापन में यह था पदों का विवरण
अनारक्षित (UR) – 1126
EWS – 444
अनुसूचित जाति (SC) – 316
अनुसूचित जनजाति (ST) – 122
अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) – 776
कुल पद – 2784
संशोधित सूची में यह स्थिति सामने आई
अनारक्षित (UR) – 1126
EWS – 37
अनुसूचित जाति (SC) – 316
अनुसूचित जनजाति (ST) – 122
अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) – 776
कुल पद – 2377
यानी कुल 407 पद कम हो गए और EWS वर्ग में 444 से सीधे 37 पद रह जाने का दावा सामने आया है। इसी कारण भर्ती प्रक्रिया पर सवाल उठने लगे हैं।
अभ्यर्थियों में गहरा असंतोष
हजारों अभ्यर्थियों का कहना है कि उन्होंने प्रारंभिक विज्ञापन पर भरोसा करते हुए आवेदन किया था। यदि पदों की वास्तविक संख्या अलग थी तो आवेदन प्रक्रिया शुरू होने से पहले ही स्पष्ट जानकारी दी जानी चाहिए थी। आवेदन भरवाने और परीक्षा की तैयारी करवाने के बाद पदों में इतना बड़ा बदलाव युवाओं के साथ अन्याय जैसा महसूस हो रहा है।
कई अभ्यर्थियों का कहना है कि उन्होंने नौकरी की उम्मीद में अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी भी छोड़ दी थी। अब संशोधित सूची सामने आने के बाद उनके भविष्य को लेकर चिंता बढ़ गई है।
अभ्यर्थियों ने उठाए कई महत्वपूर्ण सवाल
आवेदन प्रक्रिया पूरी होने के बाद पदों में संशोधन क्यों किया गया?
कुल पदों की संख्या 2784 से घटाकर 2377 करने का आधार क्या है?
EWS वर्ग के 444 पद घटाकर केवल 37 क्यों कर दिए गए?
क्या इस संबंध में कोई नया शासनादेश, न्यायालय का आदेश या प्रशासनिक निर्देश जारी हुआ है?
यदि बदलाव आवश्यक था तो इसकी जानकारी आवेदन से पहले क्यों नहीं दी गई?
क्या प्रभावित अभ्यर्थियों को कोई राहत या संशोधित अवसर दिया जाएगा?
सरकार और MPESB से पारदर्शिता की मांग
अभ्यर्थियों ने मध्यप्रदेश कर्मचारी चयन मंडल (MPESB) और किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग से पूरे मामले में विस्तृत और सार्वजनिक स्पष्टीकरण जारी करने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि यह संशोधन किसी प्रशासनिक या कानूनी कारण से किया गया है तो उसकी पूरी जानकारी अभ्यर्थियों के सामने रखी जानी चाहिए, ताकि किसी प्रकार का भ्रम न रहे।
साथ ही अभ्यर्थियों ने मांग की है कि यदि पदों में कमी किसी त्रुटि के कारण हुई है तो उसे तत्काल सुधारा जाए और EWS वर्ग के अभ्यर्थियों के हितों की रक्षा की जाए।
विभाग की प्रतिक्रिया का इंतजार
फिलहाल इस मामले में MPESB या किसान कल्याण एवं कृषि विकास विभाग की ओर से कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आया है। ऐसे में भर्ती प्रक्रिया को लेकर उठ रहे सवालों के जवाब का इंतजार किया जा रहा है।
यदि विभाग की ओर से कोई आदेश, स्पष्टीकरण या संशोधित जानकारी जारी की जाती है तो उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।







