
शाजापुर से एक ऐसी खबर सामने आई है जिसने स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा व्यवस्था और प्रबंधन की संवेदनशीलता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
मामला लालघाटी स्थित सरदार वल्लभभाई पटेल सांदीपनि स्कूल का है, जहां गुरुवार दोपहर कक्षा पांचवीं के छात्र राघव का हाथ कक्षा में लगी घूमने वाली गोल टेबल में फंस गया। हादसा इतना गंभीर था कि छात्र का हाथ टूट गया और वह दर्द से चीखने लगा। घटना के बाद स्कूल परिसर में अफरा-तफरी मच गई।
बताया जा रहा है कि जिस समय यह हादसा हुआ, उसी दौरान नवनियुक्त जिला शिक्षा अधिकारी दीपा खीर विद्यालय के औचक निरीक्षण पर मौजूद थीं। घायल छात्र को बाद में जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए निजी अस्पताल रेफर कर दिया गया। फिलहाल छात्र का इलाज जारी है।
इधर इस पूरे मामले में स्कूल प्रबंधन पर गंभीर आरोप भी लगाए जा रहे हैं। आरोप है कि हादसे के तुरंत बाद घायल छात्र को तत्काल अस्पताल नहीं ले जाया गया और उसे कुछ समय तक स्कूल में ही बैठाए रखा गया। यह भी दावा किया जा रहा है कि कुछ लोगों ने छात्र को तुरंत अस्पताल ले जाने की बात कही, लेकिन स्कूल प्रबंधन ने कथित रूप से प्राचार्य के आने तक इंतजार करने की बात कही। इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।
घटना के समय दुधाना के सरपंच राकेश जायसवाल भी विद्यालय में मौजूद थे। जानकारी के अनुसार, उन्होंने छात्र को समय पर अस्पताल पहुंचाने का मुद्दा उठाया। इसी दौरान एक शिक्षक और सरपंच के बीच हल्की कहासुनी भी हुई, जिसे बाद में शांत करा दिया गया।
इस घटना ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। क्या स्कूल में बच्चों की सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम थे? हादसे के बाद क्या घायल छात्र को तुरंत चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई गई? और यदि लापरवाही हुई है, तो उसके लिए जिम्मेदार कौन है?
फिलहाल छात्र का इलाज जारी है। वहीं पूरे मामले को लेकर लोगों में नाराजगी है और यदि जांच में किसी स्तर पर लापरवाही सामने आती है, तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग भी उठ रही है।
अब देखना होगा कि शिक्षा विभाग इस पूरे मामले की जांच कर क्या निष्कर्ष निकालता है और दोषी पाए जाने पर क्या कार्रवाई की जाती है।
दिनेश केलकर की विशेष रिपोर्ट शाजापुर
करणी सेना न्यूज मध्यप्रदेश








