मां-बेटी की मौत के बाद शोरूम के सामने शव रखकर धरना, बातचीत के बाद परिवार को 10 लाख रुपये मुआवजा
रतलाम। विंध्यवासिनी कॉलोनी में कुछ दिन पहले इलेक्ट्रिक बाइक में हुए भीषण विस्फोट के मामले में उपचार के दौरान मां और बेटी की मौत के बाद मामला गरमा गया है। हादसे में झुलसी बेटी की दो दिन पहले मौत हुई थी, जबकि आज उसकी मां ने भी इंदौर में उपचार के दौरान दम तोड़ दिया।
मां-बेटी की मौत से आक्रोशित करणी सेना परिवार ने आज रतलाम के माणकचौक स्थित संबंधित बाइक शोरूम के सामने मृतका का शव रखकर धरना प्रदर्शन किया। संगठन ने हादसे के लिए जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई और पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा दिलाने की मांग उठाई।
शोरूम संचालक और करणी सेना के बीच हुई बातचीत

धरने के दौरान मामले को लेकर शोरूम संचालक और करणी सेना परिवार के पदाधिकारियों के बीच बातचीत हुई। बातचीत के बाद पीड़ित परिवार को 10 लाख रुपये का मुआवजा दिलाने पर सहमति बनी।
मुआवजा मिलने के बाद परिवार को तत्काल आर्थिक राहत मिलने की उम्मीद है। हालांकि, करणी सेना परिवार की ओर से हादसे की पूरी जांच और जिम्मेदारी तय किए जाने की मांग भी उठाई जा रही है।
आखिर इलेक्ट्रिक बाइक में कैसे हुआ विस्फोट?
बताया गया कि विंध्यवासिनी कॉलोनी में इलेक्ट्रिक बाइक में अचानक विस्फोट के बाद आग लग गई थी। हादसे में मां और उनकी दोनों बेटियां गंभीर रूप से झुलस गई थीं। उपचार के दौरान पहले बेटी और अब मां की मौत हो गई।
घटना के बाद इलेक्ट्रिक वाहनों की सुरक्षा को लेकर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। करणी सेना परिवार ने मामले की निष्पक्ष जांच कर यह पता लगाने की मांग की है कि आखिर बाइक में विस्फोट किस कारण हुआ और इसके लिए जिम्मेदारी किसकी बनती है।

पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की मांग
करणी सेना परिवार का कहना है कि केवल मुआवजा ही पर्याप्त नहीं है। हादसे की तकनीकी जांच होनी चाहिए और यदि किसी कंपनी, एजेंसी या संबंधित व्यक्ति की लापरवाही सामने आती है तो नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए।
मां और बेटी की मौत के बाद परिवार के सामने आर्थिक और सामाजिक संकट भी खड़ा हो गया है। संगठन ने प्रशासन से पीड़ित परिवार को शासन की ओर से भी उचित सहायता उपलब्ध कराने की मांग की है।
करणी सेना न्यूज मध्यप्रदेश की विशेष रिपोर्ट

