गांवों से लेकर फोरलेन किनारे के कुछ ढाबों तक बिक्री के आरोप, पूरी सप्लाई चेन की जांच की मांग
नामली। थाना नामली क्षेत्र में कथित अवैध शराब की बिक्री को लेकर स्थानीय ग्रामीणों और नागरिकों की ओर से शिकायतें सामने आने का दावा किया जा रहा है। आरोप हैं कि गांवों से लेकर नगर के कुछ गली-मोहल्लों और फोरलेन किनारे स्थित कुछ ढाबों तक देशी-विदेशी शराब की कथित बिक्री हो रही है। इन शिकायतों के बाद पुलिस और आबकारी विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं।
स्थानीय लोगों के अनुसार नामली के वार्ड क्रमांक 9, बार पत्थर, कृषि मंडी क्षेत्र, सब्जी मंडी क्षेत्र और स्टेशन रोड सहित फोरलेन से जुड़े कुछ ढाबों पर शराब की कथित अवैध बिक्री की शिकायतें हैं। वहीं सेमलिया क्षेत्र के कुछ ढाबों और फोरलेन किनारे अन्य स्थानों को लेकर भी स्थानीय स्तर पर आरोप लगाए जा रहे हैं।
पंचायत भवन के पास गुमटी को लेकर भी शिकायत
ग्राम पल्दुना से भी गंभीर शिकायत सामने आने का दावा किया जा रहा है। स्थानीय लोगों के मुताबिक पंचायत भवन के समीप स्थित एक गुमटी से कथित रूप से शराब बिक्री की जा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि गुमटी के पीछे स्कूल और मध्याह्न भोजन निर्माण स्थल भी मौजूद है।
यदि स्थानीय स्तर पर लगाए जा रहे ये आरोप सही पाए जाते हैं, तो मामला केवल अवैध शराब बिक्री तक सीमित नहीं रहता, बल्कि बच्चों और ग्रामीणों की सुरक्षा से भी जुड़ा महत्वपूर्ण विषय बन जाता है।
धोसवास से भदवासा फंटे तक ढाबों पर भी सवाल
फोरलेन पर धोसवास से भदवासा फंटे तक कुछ ढाबों को लेकर भी शराब बिक्री की शिकायतें सामने आने की बात कही जा रही है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि कुछ स्थानों पर शाम के समय शराब उपलब्ध होने लगती है और देर रात तक गतिविधियां जारी रहती हैं।
स्थानीय नागरिकों की मांग है कि ऐसे सभी स्थानों पर वैध लाइसेंस, शराब के स्रोत और बिक्री संबंधी दस्तावेजों की जांच की जाए।
अधिकारियों को ‘भेंट-पूजा’ के आरोप, पुष्टि बाकी
कुछ स्थानीय सूत्रों द्वारा शराब कारोबारियों और अधिकारियों के बीच कथित लेन-देन के आरोप भी लगाए गए हैं। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और न ही संबंधित अधिकारियों का पक्ष इस संबंध में सामने आया है।
ऐसे में पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर वास्तविक स्थिति सामने लाना जरूरी है।
छोटे मामलों से आगे बढ़कर सप्लाई चेन की जांच की मांग
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि क्षेत्र में समय-समय पर अवैध शराब पकड़े जाने की कार्रवाई होती है, लेकिन यदि इसके बावजूद लगातार शिकायतें सामने आ रही हैं तो शराब की आपूर्ति कहां से हो रही है और इसके पीछे मुख्य सप्लायर कौन हैं, इसकी भी जांच होनी चाहिए।
लोगों ने पुलिस और आबकारी विभाग से संयुक्त अभियान चलाकर शिकायत वाले स्थानों की जांच करने तथा आरोप सही पाए जाने पर संबंधित लोगों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई करने की मांग की है।
अब देखना होगा कि सामने आई शिकायतों पर जिम्मेदार विभाग किस तरह की जांच और कार्रवाई करते हैं और कथित अवैध शराब के नेटवर्क की वास्तविक स्थिति क्या सामने आती है।
रिपोर्ट : पवन सिंह राठौर, नामली
जिला ब्यूरो चीफ, रतलाम
करणी सेना न्यूज मध्यप्रदेश
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डिस्क्लेमर: इस खबर में उल्लेखित अवैध शराब बिक्री और अन्य आरोप स्थानीय लोगों/सूत्रों द्वारा लगाए गए हैं। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। संबंधित विभाग या व्यक्तियों का पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी प्रकाशित किया जाएगा।

