
बड़वाह/खरगोन| करणी सेना न्यूज मध्यप्रदेश
खरगोन जिले के बड़वाह में मोरटक्का से निमाड़खेड़ी के बीच बिछाई जा रही 132 केवी विद्युत ट्रांसमिशन लाइन के लिए भूमि अधिग्रहण के मुआवजे को लेकर किसानों का आंदोलन सोमवार को चौथे दिन भी जारी रहा। राष्ट्रीय किसान मजदूर महासंघ के नेतृत्व में किसानों ने पहले महेश्वर रोड स्थित ग्रिड कार्यालय पर धरना दिया, इसके बाद कृषि उपज मंडी से जय स्तंभ चौराहे तक विशाल विरोध रैली निकालकर मध्यप्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।

आंदोलन में किसान नेता पंकजराज सिंह पुरणी, करणी सेना जिला अध्यक्ष कुलदीप सिंह, राष्ट्रीय किसान मजदूर महासंघ के प्रदेश पदाधिकारी पाटीदार जी, नारायण सिंह तोमर जी, सहित सैकड़ों किसान, मातृशक्ति एवं ग्रामीण बड़ी संख्या में शामिल हुए।
प्रदर्शन के दौरान बढ़ते आक्रोश को देखते हुए एसडीएम सत्यनारायण दर्रो, एसडीओपी अर्चना रावत और टीआई बलराम सिंह राठौर भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। अधिकारियों और किसानों के बीच करीब एक घंटे तक तीखी बहस और चर्चा हुई, लेकिन कोई ठोस निर्णय नहीं निकल सका।

किसानों ने आरोप लगाया कि मध्यप्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी ने मुआवजा वितरण में भारी अनियमितता की है। कई किसानों को अभी तक मुआवजे की पहली किस्त तक नहीं मिली, जबकि अधिकारियों का दावा है कि भुगतान बैंक खातों में किया जा चुका है।
किसान नेता पंकजराज सिंह पुरणी ने बताया कि खरगोन और खंडवा जिले के लगभग 300 किसानों की जमीन इस 18 किलोमीटर लंबी 132 केवी लाइन की जद में आ रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि किसी किसान को 2019 की कलेक्टर गाइडलाइन तो किसी को 2021 की गाइडलाइन के अनुसार मुआवजा दिया गया है, जिससे किसानों के साथ भेदभाव हुआ है।
उन्होंने कहा कि कई किसानों को मात्र 14 हजार से 70 हजार रुपये तक का मुआवजा दिया गया है, जो जमीन के वास्तविक मूल्य के मुकाबले बेहद कम है।

किसानों की प्रमुख मांग है कि वर्ष 2019 में नोटिस जारी होने और परियोजना 2026 में पूरी होने के कारण 6 वर्षों का बैंक ब्याज जोड़कर नया मुआवजा दिया जाए तथा सभी प्रभावित किसानों को समान गाइडलाइन के अनुसार भुगतान किया जाए।
प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट चेतावनी दी कि जब तक सभी किसानों को न्यायपूर्ण मुआवजा और लंबित भुगतान नहीं मिलता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।





