
8 दिनों से धरने पर बैठे किसानों ने शत-प्रतिशत मूंग खरीदी, ई-टोकन व्यवस्था समाप्त करने और किसानों को राहत देने की मांग उठाई। सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन।
नर्मदापुरम | संवाददाता – रूद्र प्रताप सिंह चौहान | करणी सेना न्यूज मध्यप्रदेश
नर्मदापुरम जिले में मूंग खरीदी को लेकर किसानों का आंदोलन लगातार उग्र होता जा रहा है। जिले के विभिन्न क्षेत्रों से आए सैकड़ों किसान पिछले आठ दिनों से पीपल चौक स्थित पत्रकार भवन के सामने धरने पर बैठे हैं। सोमवार को आंदोलन ने नया मोड़ ले लिया, जब बड़ी संख्या में किसान कलेक्ट्रेट पहुंचे और सरकार के खिलाफ जोरदार नारेबाजी करते हुए अपनी मांगों का ज्ञापन प्रशासन को सौंपा।
किसानों की प्रमुख मांग है कि जिले में शत-प्रतिशत मूंग खरीदी सुनिश्चित की जाए तथा ई-टोकन व्यवस्था समाप्त की जाए। किसानों का कहना है कि वर्तमान व्यवस्था के कारण उन्हें समय पर अपनी उपज बेचने का अवसर नहीं मिल रहा है, जिससे आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।
आंदोलन कर रहे किसानों ने आरोप लगाया कि कई दिनों से शांतिपूर्ण धरना देने के बावजूद उनकी मांगों पर कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया। इससे पहले किसानों ने अपनी पीड़ा सरकार तक पहुंचाने के लिए अर्धनग्न होकर भी प्रदर्शन किया था। उनका कहना है कि जब देश का अन्नदाता अपनी बात मनवाने के लिए इस तरह विरोध करने को मजबूर हो जाए, तो यह व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है।

कलेक्ट्रेट पहुंचकर किसानों ने प्रशासन के माध्यम से राज्य सरकार के नाम ज्ञापन सौंपा और चेतावनी दी कि यदि जल्द समाधान नहीं निकला तो आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा। ज्ञापन देने के बाद सभी किसान वापस पीपल चौक स्थित धरना स्थल पर लौट आए और अनिश्चितकालीन धरना जारी रखने का ऐलान किया।
किसानों का कहना है कि उनकी लड़ाई किसी राजनीतिक दल के खिलाफ नहीं, बल्कि अपने अधिकारों और मेहनत की उचित कीमत के लिए है। उनका स्पष्ट कहना है कि जब तक सरकार उनकी मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लेती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।

अब सभी की नजर प्रशासन और सरकार के अगले कदम पर है। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि किसानों की मांगों पर कब तक निर्णय लिया जाता है और क्या यह आंदोलन जल्द समाप्त हो पाएगा या आने वाले दिनों में और व्यापक रूप लेगा।








