भिंड। भिंड जिले में किसानों की निजी भूमि पर कथित अवैध रेत उत्खनन और उससे जुड़े विवादों ने अब बड़ा रूप ले लिया है। श्री राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना मध्यप्रदेश ने जिला अध्यक्ष डॉ. पुष्पेंद्र सिंह सिकरवार के नेतृत्व में पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपकर पूरे मामले की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच कराने तथा रोन थाना प्रभारी को तत्काल प्रभाव से हटाने की मांग की है।
ज्ञापन में आरोप लगाया गया कि 14 दिसंबर 2025 को रोन थाना क्षेत्र के ग्राम मामनगढ़ में लगभग 25 किसानों की निजी भूमि से कथित रूप से अवैध रेत उत्खनन किया जा रहा था। किसानों द्वारा इसका विरोध करने पर पुलिस ने बल प्रयोग किया, लाठीचार्ज किया तथा ग्रामीणों के साथ अभद्र व्यवहार किया। इतना ही नहीं, घटना का वीडियो बनाने का प्रयास करने वाले कुछ लोगों के मोबाइल फोन भी पुलिस द्वारा जब्त किए गए, जिन्हें बाद में वापस कर दिया गया।

करणी सेना ने आरोप लगाया कि ग्राम मड़ैयन निवासी सोनू चौहान ने 2 जून 2026 को जनसुनवाई में अवैध उत्खनन की शिकायत जिला प्रशासन से की थी। इसके बाद उनके खिलाफ रोन थाने में विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया गया। संगठन का कहना है कि शिकायतकर्ता के खिलाफ कार्रवाई करना गंभीर सवाल खड़े करता है और पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच आवश्यक है।
ज्ञापन में ग्राम बिरोला इंदरगढ़ निवासी महादेव सिंह के मामले का भी उल्लेख किया गया। संगठन का आरोप है कि उनके खिलाफ भी झूठे प्रकरण दर्ज किए गए तथा सोशल मीडिया पर वीडियो साझा करने के बाद एक और मामला दर्ज कर दिया गया।
करणी सेना ने मांग की है कि किसानों की निजी भूमि को सरकारी भूमि बताकर किसी भी प्रकार का अवैध उत्खनन न कराया जाए, झूठे मामलों की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की जाए तथा अवैध उत्खनन में संलिप्त लोगों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई तो लोकतांत्रिक तरीके से व्यापक आंदोलन किया जाएगा। ज्ञापन सौंपने के दौरान करणी सेना के पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

