
मंदसौर। शहर के पशुपतिनाथ मेन रोड स्थित सार्वजनिक गणेश मंदिर की भूमि को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। शिकायतकर्ता मांगू सिंह राजपूत ने आरोप लगाया है कि मंदिर से जुड़ी भूमि पर नियमों के विपरीत अवैध कॉलोनी विकसित की गई। उनका कहना है कि शिकायतों, जांच और पंचनामे के बावजूद अब तक प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई।
शिकायतकर्ता के अनुसार, यह मंदिर लगभग 100 वर्ष पुराना सार्वजनिक धार्मिक स्थल है। उनका आरोप है कि वर्ष 1999 में मंदिर से संबंधित भूमि को कथित रूप से निजी नाम पर दर्ज करवा लिया गया और बाद में वहां निर्माण एवं कॉलोनी विकसित की गई।
मामले में शिकायतकर्ता ने सीएम हेल्पलाइन में शिकायत क्रमांक 29412890 दर्ज कराई थी। उपलब्ध दस्तावेजों के अनुसार शिकायत नगर पालिका एवं नगरीय प्रशासन विभाग को भेजी गई। शिकायत की प्रगति में कई बार कार्रवाई की मांग दर्ज होने का उल्लेख भी दिखाई देता है।
शिकायतकर्ता ने अपने आवेदन में यह भी उल्लेख किया है कि 13 फरवरी 2025 को तत्कालीन अधिकारियों द्वारा पंचनामा तैयार किया गया था और बिना अनुमति निर्माण से संबंधित कार्रवाई का मामला नगर पालिका में लंबित बताया गया। इसके बावजूद आज तक अंतिम कार्रवाई नहीं होने का आरोप लगाया गया है।
इस पूरे मामले को लेकर स्थानीय मीडिया में भी समाचार प्रकाशित हुए हैं। शिकायतकर्ता का कहना है कि यदि जांच और दस्तावेज उपलब्ध हैं तो दोषियों के खिलाफ कार्रवाई में देरी क्यों हो रही है।
करणी सेना न्यूज मध्यप्रदेश के संवाददाता पवन सिंह राठौड़ ने शिकायतकर्ता से मुलाकात कर उपलब्ध दस्तावेजों का अवलोकन किया। हालांकि, जिन व्यक्तियों पर आरोप लगाए गए हैं तथा संबंधित विभाग का आधिकारिक पक्ष इस समाचार के प्रकाशन तक प्राप्त नहीं हो सका है। उनका पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।
अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या सार्वजनिक धार्मिक स्थल से जुड़े इस मामले में प्रशासन निष्पक्ष कार्रवाई करेगा या शिकायतकर्ता को न्याय के लिए आगे भी संघर्ष करना पड़ेगा?







