
एमएसपी पर 100% मूंग खरीदी, ई-टोकन व्यवस्था समाप्त करने, खाद खरीद की अनिवार्यता खत्म करने और भूमि अधिग्रहण पर चार गुना मुआवजे की मांग।
खरगोन | कसरावद | संवाददाता – दिग्विजय सिंह पटेल
खरगोन जिले के कसरावद में राष्ट्रीय किसान मजदूर महासंघ के नेतृत्व में किसानों ने अपनी चार सूत्रीय मांगों को लेकर कृषि उपज मंडी सचिव गोपाल मंडलोई एवं नायब तहसीलदार नरेंद्र मुवेल को ज्ञापन सौंपा। किसानों ने कृषि, खाद वितरण और भूमि अधिग्रहण से जुड़ी समस्याओं के शीघ्र समाधान की मांग करते हुए चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द निर्णय नहीं लिया गया तो वे आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे।

ज्ञापन में किसानों ने प्रमुख रूप से मूंग की शत-प्रतिशत खरीदी न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर सुनिश्चित करने की मांग उठाई। किसानों का कहना है कि समर्थन मूल्य पर पूरी खरीदी नहीं होने से उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।
इसके अलावा किसानों ने ई-टोकन आधारित खाद वितरण व्यवस्था को समाप्त कर पूर्व की व्यवस्था बहाल करने की मांग की। उनका कहना है कि वर्तमान व्यवस्था के कारण किसानों को समय पर खाद उपलब्ध नहीं हो पा रही है। साथ ही यूरिया खरीदते समय डीएपी, एसएसपी और एनपीके जैसे अन्य उर्वरकों की अनिवार्य खरीद की शर्त समाप्त करने की भी मांग रखी गई।
ज्ञापन में यह भी मांग की गई कि यदि किसानों की उपजाऊ भूमि बिजली टावर, ट्रांसमिशन लाइन या अन्य शासकीय परियोजनाओं के लिए अधिग्रहित की जाती है, तो प्रभावित किसानों को गाइडलाइन मूल्य का चार गुना मुआवजा वर्गफीट के आधार पर दिया जाए।

राष्ट्रीय किसान मजदूर महासंघ के पदाधिकारियों ने कहा कि किसानों की समस्याओं का लंबे समय से समाधान नहीं हो रहा है। यदि प्रशासन ने जल्द सकारात्मक कदम नहीं उठाए, तो किसान बड़े स्तर पर आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे।
रिपोर्ट: दिग्विजय सिंह पटेल करणी सेना न्यूज़ मध्यप्रदेश








