
किसानों को जरूरत के मुताबिक मिले खाद, पोर्टल नहीं खेत तय करे आवश्यकता; सरकार से तत्काल सुधार की मांग
जावरा/मध्यप्रदेश। प्रदेश में खाद वितरण व्यवस्था को लेकर किसानों की बढ़ती परेशानियों के बीच करणी सेना परिवार के प्रमुख जीवन सिंह शेरपुर ने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि किसानों की समस्याओं का शीघ्र समाधान नहीं किया गया तो किसान आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे। उन्होंने वर्तमान ई-टोकन प्रणाली को अव्यावहारिक बताते हुए कहा कि किसान की जरूरत का निर्धारण खेत और फसल करती है, न कि कोई पोर्टल।
जीवन सिंह शेरपुर ने कहा कि इस समय प्रदेश के अधिकांश क्षेत्रों में फसल ऐसी अवस्था में है, जहां किसानों को सबसे अधिक आवश्यकता यूरिया की है। लेकिन ई-टोकन प्रणाली के कारण किसानों को पहले डीएपी (DAP) या एसएसपी (SSP) खरीदने के लिए बाध्य किया जा रहा है, तभी उन्हें यूरिया उपलब्ध कराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह व्यवस्था किसानों पर अनावश्यक आर्थिक बोझ डाल रही है और उन्हें ऐसी खाद खरीदने के लिए मजबूर कर रही है जिसकी तत्काल आवश्यकता नहीं है।
उन्होंने आरोप लगाया कि खाद वितरण व्यवस्था में तकनीकी खामियों के कारण किसान अपने खेतों में काम करने के बजाय खाद वितरण केंद्रों के चक्कर लगाने को मजबूर हैं। कई किसानों को अपने गांव से 25 से 55 किलोमीटर दूर तक खाद लेने जाना पड़ रहा है, लेकिन वहां भी समय पर खाद उपलब्ध नहीं हो रही। इससे किसानों का समय, श्रम और धन तीनों बर्बाद हो रहे हैं, वहीं फसल को भी नुकसान पहुंचने की आशंका बढ़ रही है।
जीवन सिंह शेरपुर ने कहा कि सरकार द्वारा लागू की गई ई-टोकन प्रणाली का उद्देश्य किसानों को सुविधा देना था, लेकिन वर्तमान में यही व्यवस्था किसानों के लिए सबसे बड़ी परेशानी बन गई है। उन्होंने कहा कि यदि किसी किसान को केवल यूरिया की आवश्यकता है तो उसे अन्य उर्वरक खरीदने के लिए बाध्य करना पूरी तरह अनुचित और किसान विरोधी है।

सरकार से रखीं ये प्रमुख मांगें
उन्होंने प्रदेश सरकार और कृषि विभाग से मांग की कि ई-टोकन प्रणाली के सॉफ्टवेयर में तत्काल सुधार किया जाए ताकि किसानों को बिना तकनीकी बाधा के समय पर खाद मिल सके। साथ ही यूरिया के साथ डीएपी, एसएसपी या अन्य उर्वरकों की अनिवार्य खरीद की शर्त तत्काल समाप्त की जाए।
उन्होंने कहा कि किसानों को उनकी फसल की आवश्यकता के अनुसार ही खाद उपलब्ध कराई जाए। प्रत्येक किसान को उसके गांव से 5 से 7 किलोमीटर की दूरी के भीतर ही खाद वितरण केंद्र उपलब्ध कराया जाए, जिससे उन्हें लंबी दूरी तय न करनी पड़े। इसके अलावा सभी खाद वितरण केंद्रों पर पर्याप्त मात्रा में यूरिया उपलब्ध कराई जाए, ताकि किसानों को बार-बार भटकना न पड़े और समय पर फसल में खाद डाली जा सके।
आंदोलन की चेतावनी
जीवन सिंह शेरपुर ने स्पष्ट कहा कि यदि सरकार ने जल्द किसानों की समस्याओं का समाधान नहीं किया तो प्रदेशभर के किसान आंदोलन का रास्ता अपनाने के लिए मजबूर होंगे। उन्होंने सरकार से अपील की कि किसानों की वास्तविक जरूरतों को समझते हुए ई-टोकन व्यवस्था में तत्काल सुधार किया जाए और खाद वितरण व्यवस्था को सरल एवं किसान हितैषी बनाया जाए।





