
पालकी (उज्जैन/नागदा)| 15 जुलाई 2026 | विशेष संवाददाता: ठाकुर बंटी सिंह | करणी सेना न्यूज मध्यप्रदेश
जावरा-उज्जैन स्टेट हाईवे-17 पर लगातार हो रहे सड़क हादसों के बीच एक और दर्दनाक घटना ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया। ग्राम पालकी के समीप मंगलवार, 15 जुलाई 2026 को हुए भीषण सड़क हादसे में हटाई निवासी रोहित (पिता – दुलीचंद), उम्र लगभग 18 वर्ष की मौके पर ही मौत हो गई। रोहित प्रतिदिन की तरह अपने कार्यस्थल की ओर जा रहा था। वह एक होटल में काम कर अपने परिवार का भरण-पोषण करने में सहयोग करता था।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, नागदा की ओर से आ रही एक तेज रफ्तार कार (क्रमांक MP 43 ZK 9855) ने रोहित को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि युवक ने घटनास्थल पर ही दम तोड़ दिया। हादसे की सूचना मिलते ही आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। सूचना पर पुलिस भी घटनास्थल पर पहुंची और पंचनामा कार्रवाई के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया।

परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
रोहित की असमय मौत से उसके परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। बताया जा रहा है कि वह कम उम्र में ही मेहनत-मजदूरी कर परिवार का सहारा बना हुआ था। घटना की खबर मिलते ही गांव में शोक की लहर फैल गई और बड़ी संख्या में लोग परिजनों को सांत्वना देने पहुंचे।
सड़क चौड़ीकरण की मांग फिर उठी
इस हादसे के बाद स्थानीय लोगों ने एक बार फिर जावरा-उज्जैन स्टेट हाईवे-17 के चौड़ीकरण की मांग तेज कर दी है। ग्रामीणों का कहना है कि इस मार्ग पर लंबे समय से लगातार दुर्घटनाएं हो रही हैं। कई बार प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के समक्ष सड़क चौड़ीकरण तथा सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग रखी जा चुकी है, लेकिन अब तक कोई ठोस पहल नहीं हुई।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि समय रहते सड़क का चौड़ीकरण और आवश्यक सुरक्षा उपाय किए गए होते, तो शायद आज एक और परिवार का चिराग नहीं बुझता।
लोगों ने शासन-प्रशासन से की कार्रवाई की मांग
क्षेत्रवासियों ने शासन-प्रशासन से स्टेट हाईवे-17 के शीघ्र चौड़ीकरण, सड़क सुरक्षा के प्रभावी इंतजाम, उचित संकेतक, स्पीड कंट्रोल उपाय और दुर्घटनाओं पर रोक लगाने के लिए तत्काल कार्रवाई की मांग की है। लोगों का कहना है कि लगातार हो रहे हादसों के बावजूद यदि समय पर कदम नहीं उठाए गए तो भविष्य में भी ऐसी घटनाएं होती रहेंगी।
फिलहाल पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। दुर्घटना के वास्तविक कारणों और आगे की कानूनी कार्रवाई का खुलासा जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगा।





