
मंदसौर। शहर के अफीम गोदाम रोड स्थित स्पर्श क्लिनिक में उपचार के बाद एक प्रसूता की मौत का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। घटना के बाद परिजनों के साथ करणी सेना परिवार के कार्यकर्ता क्लिनिक के बाहर धरने पर बैठ गए और मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की।

मृतका की पहचान पूजा कुंवर के रूप में हुई है। परिजनों के अनुसार, वह डिलीवरी के लिए अस्पताल पहुंची थीं। उनका आरोप है कि प्रारंभिक जांच के दौरान डॉक्टर ने ऑपरेशन की सलाह दी, जबकि परिजनों का कहना है कि उस समय ऑपरेशन की आवश्यकता नहीं थी। इसके बाद ऑपरेशन किया गया, लेकिन महिला की हालत लगातार बिगड़ती चली गई।
परिजनों का आरोप है कि ऑपरेशन के दौरान गंभीर चिकित्सकीय लापरवाही हुई। उनका कहना है कि महिला को समय रहते बेहतर इलाज के लिए अहमदाबाद रेफर किया जाना चाहिए था, लेकिन एक दिन की देरी की गई, जिससे उसकी हालत और गंभीर हो गई।
परिजनों ने यह भी दावा किया कि अहमदाबाद में इलाज के दौरान डॉक्टरों ने बताया कि यदि मरीज को समय पर रेफर किया जाता तो उसकी जान बचाई जा सकती थी। हालांकि, इस दावे की स्वतंत्र और आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।

इससे पहले परिजनों ने उपचार के दौरान गलत ब्लड चढ़ाने और ब्लड में क्लॉट होने का भी आरोप लगाया था। इन आरोपों की भी फिलहाल कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
घटना के बाद स्पर्श क्लिनिक के बाहर बड़ी संख्या में परिजन, समाजजन और करणी सेना परिवार के कार्यकर्ता एकत्र हुए। प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन से पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच, मेडिकल बोर्ड गठित करने तथा दोषी पाए जाने पर संबंधित डॉक्टर और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की।





