
मध्य प्रदेश में गो रक्षकों को आजीवन कारावास की सजा दिए जाने के मामले ने नया राजनीतिक और सामाजिक विवाद खड़ा कर दिया है। करणी सेना परिवार के राष्ट्रीय अध्यक्ष जीवन सिंह शेरपुर ने सोशल मीडिया पर पोस्ट जारी कर नर्मदापुरम जिले के सिवनी मालवा से जुड़े चर्चित मामले में एडीजे न्यायालय के फैसले पर चिंता व्यक्त की है।
जीवन सिंह शेरपुर ने कहा कि गौवंश की सुरक्षा और गो रक्षकों के साथ न्याय, दोनों ही देश के लिए महत्वपूर्ण विषय हैं। उन्होंने मांग की कि मामले में केवल गो रक्षकों पर कार्रवाई तक सीमित न रहकर गौ तस्करी के पूरे नेटवर्क की निष्पक्ष और गहन जांच कराई जाए। साथ ही यदि किसी प्रकार की साजिश, दबाव या अन्य तथ्य जुड़े हों तो उनकी भी स्वतंत्र जांच होनी चाहिए, ताकि सत्य सामने आ सके।
उन्होंने सरकार से सवाल किया कि जब गौ संरक्षण चुनावी मुद्दा बनाया जाता है, तो फिर गौ तस्करी की घटनाएं पूरी तरह क्यों नहीं रुक पा रही हैं। जीवन सिंह शेरपुर ने गौमाता को राष्ट्रमाता का दर्जा देने और गौ संरक्षण के लिए कठोर कानून बनाने की मांग दोहराई।
करणी सेना परिवार की ओर से उन्होंने कहा कि संगठन इस मामले में प्रभावित सभी 14 परिवारों के साथ खड़ा है और जल्द ही उनसे मुलाकात कर हर संभव सहयोग का भरोसा देगा। उन्होंने यह भी कहा कि आवश्यकता पड़ने पर न्यायिक और संवैधानिक दायरे में रहकर आगे की कानूनी लड़ाई और लोकतांत्रिक संघर्ष किया जाएगा।
जीवन सिंह शेरपुर ने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य किसी संस्था का अनादर करना नहीं, बल्कि निष्पक्ष न्याय, गौ संरक्षण और सत्य की स्थापना की मांग करना है।








