750 किलोमीटर स्वर्ण न्याय यात्रा का होगा समापन, यूजीसी रोल बैक समेत कई मुद्दों पर गरजेगा समाज
जयपुर/राजस्थान। देशनोक स्थित माँ करणी के पावन धाम से शुरू हुई 750 किलोमीटर लंबी स्वर्ण न्याय यात्रा अब अपने अंतिम पड़ाव पर पहुंचने वाली है। इस यात्रा का समापन 3 अगस्त को जयपुर में प्रस्तावित विशाल महासभा और स्वर्ण आंदोलन के साथ होगा। आयोजकों का दावा है कि इस महासभा में देश के विभिन्न राज्यों से सामाजिक संगठनों के प्रमुख, पदाधिकारी और बड़ी संख्या में समाजजन शामिल होंगे।
यह यात्रा केवल यूजीसी रोल बैक की मांग तक सीमित नहीं है, बल्कि खेजड़ी, ओरण और गोचर भूमि के संरक्षण, गौ माता को राष्ट्र माता का दर्जा देने तथा समाज से जुड़े अन्य महत्वपूर्ण विषयों को लेकर भी निकाली जा रही है। यात्रा के दौरान इन सभी मुद्दों को प्रमुखता से उठाया गया है।
स्वर्ण न्याय यात्रा का नेतृत्व कर रहे महिपाल सिंह मकराना ने अपने संकल्प को और मजबूत करते हुए अन्न का त्याग भी कर दिया है। समर्थकों के अनुसार, वे जयपुर पहुंचने तक अन्न ग्रहण नहीं करेंगे और अपनी मांगों के समर्थन में लगातार पदयात्रा जारी रखेंगे। यात्रा के दौरान कठिन मौसम, लंबी दूरी और पैरों में छाले पड़ने जैसी परिस्थितियों के बावजूद उन्होंने अपना अभियान नहीं रोका।
गौरतलब है कि इससे पहले दिल्ली के रामलीला मैदान में हुए प्रदर्शन के दौरान महिपाल सिंह मकराना को पुलिस ने हिरासत में लिया था। इसके बाद उन्होंने सार्वजनिक रूप से घोषणा की थी कि जयपुर में एक बड़ा आंदोलन किया जाएगा। अब 3 अगस्त का यह कार्यक्रम उसी घोषणा का अगला चरण माना जा रहा है।

आयोजकों का कहना है कि जयपुर का यह आंदोलन केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि एक बड़े राष्ट्रीय अभियान की शुरुआत है। उनके अनुसार, राजस्थान के बाद मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और बिहार सहित अन्य राज्यों में भी इसी प्रकार की स्वर्ण न्याय यात्राएं निकाली जाएंगी। उनका कहना है कि वर्तमान यात्रा इस राष्ट्रव्यापी अभियान की पहली कड़ी है और आने वाले समय में इसे पूरे देश तक पहुंचाया जाएगा।
यात्रा के दौरान राजस्थान के अनेक शहरों और गांवों में समाज के लोगों ने भव्य स्वागत किया है। विभिन्न सामाजिक संगठनों ने भी यात्रा को अपना समर्थन दिया है। आयोजकों को उम्मीद है कि 3 अगस्त को जयपुर में होने वाला महासम्मेलन आंदोलन की आगे की दिशा तय करेगा और समाज की एकजुटता का बड़ा संदेश देगा।
अब पूरे देश की निगाहें 3 अगस्त पर टिकी हैं, जब जयपुर स्वर्ण न्याय यात्रा के ऐतिहासिक समापन और प्रस्तावित स्वर्ण आंदोलन का साक्षी बनेगा।

